Lyrics: Puneet Sharma Music: Anurag Saikia आँ खों में जो िघरे हैं वो आँ सू तेरे जल के हैं िबखरे हैं जो सीने में वो टुकड़े तेरे िदल के हैं रंग हमीं तो तेरे थे संग हमीं तो तेरे थे तेरी ही माटी तुझी से पूछे क्यों हुआ ये बता दे हुआ ना हुआ ना ऐ वतन तू क्यूँ हमारा हुआ ना ज़मीं तेरी सींची तेरे सजदे भी िकए नींदें अपनी खोई तेरे सपने भी िजए िजतने भी फ़ज़र् हैं हमने िनभाए हैं तेरे ही गीत गुनगुनाए हैं हम तो वादे भूले नहीं तूने िकए जो वादे सभी कै से भूला तू बता दे हुआ ना हुआ ना ऐ वतन तू क्यूँ हमारा हुआ ना