Parchhaaiyaan

Lyrics: Azensha Music: Azensha है भीड़ सड़क और मैं अलग, थका हुआ बेचैन अलग... ऐसा मैं तो ना था? फिर ऐसा क्या हो गया? जी है मिटा दूं मैं क़िस्मत में जो है लिखा हुआ... जुड़ सी गई हैं मुझसे क्यों रुस्वाइयाँ? बहुत देख ली अब ज़माने की बेइमानियां... मैं भागूं, भगाएं। डरूं, तो डराएं। लगें मुझे अजनबी मेरी ही परछाइयां...
ज़ोर तो लगाया पर हासिल कुछ ना हुआ, किरदार कई पहने पर काबिल कभी ना हुआ।
तदबीर से तक़दीर की तस्वीरें बहुत सोचीं, पर जो कभी ना सोचा हमेशा क्यों वैसा हुआ? मैं रोज़ रो रहा हूं मैं बोझ हो रहा हूं, मैं हर्फ़-हर्फ़ ख़ुद को हर रोज़ खो रहा हूं। सवाल अब ना देना जवाब सब ख़त्म हैं, दहलीज़ पर मैं ग़म की खुशी को पूछूं। ऐसा मैं तो ना था? फिर ऐसा क्या हो गया? जी है मिटा दूं मैं किस्मत में जो है लिखा हुआ... जुड़ सी गई हैं मुझसे क्यों रुसवाईयां
बहुत देख ली अब ज़माने की बेइमानियां... मैं भागूं, भगाएं। डरूं, तो डराएं। लगें मुझे अजनबी मेरी ही परछाइयां... चलते-चलते भीड़ में, भीड़ के ही हो गए... भीड़ जो छठी तो फिर, यूं लगा के खो गए... मासूम दिल पे भी, सौ दफ़ा सितम हुए... थे अजीब पहले भी और अजीब हो गए।