Lyrics: Siddharth Singh
Music: Sumit Sinha
बिना कहे तेरी बातें, बीते लम्हों की रातें।
धीरे-धीरे जाएंगे ये पल, बिना आवाज़ तेरे साथ।
जाने कहाँ वो दिन गए, जब तू था मेरे पास।
अब बस यादें रह जाएंगी, और ख्वाब बन जाएंगी रात।
तेरी यादों की धुन में, धीरे-धीरे खो जाऊं।
बीते लम्हों की रेत पर, फिर से तेरा नाम लिखूं।
बिना तेरे जिए जाऊं, बस तेरी यादों में।
खुद से भी अनजान लगूं, तेरे बिना ये जिंदगी फिर से।
कहीं गुम हो जाऊं मैं, तेरे ख्वाबों की राहों में।
बिना तेरे हर पल, बस यादें हैं मेरी साथ।
जाने कहाँ वो लम्हे, जब हम थे एक-दूजे के पास।
अब बस छूटे नहीं, वो दिन और रात।
तेरी यादों की धुन में, धीरे-धीरे खो जाऊं।
बीते लम्हों की रेत पर, फिर से तेरा नाम लिखूं।
बिना तेरे जिए जाऊं, बस तेरी यादों में।
खुद से भी अनजान लगूं, तेरे बिना ये जिंदगी फिर से।
जब सारी दुनिया छोड़े, तो क्या खोजूं मैं।
तेरी यादों के सिवा, कुछ भी नहीं पाऊं मैं।
बस तेरा साथ चाहिए, हर रात और हर सवेरे।
तेरे बिना ये दिल धड़के, कैसे बताऊं ये वेरे।
तेरी यादों की धुन में, धीरे-धीरे खो जाऊं।
बीते लम्हों की रेत पर, फिर से तेरा नाम लिखूं।
बिना तेरे जिए जाऊं, बस तेरी यादों में।
खुद से भी अनजान लगूं, तेरे बिना ये जिंदगी फिर से।
बीते लम्हों का सफर, अब तक यादों की बरसात।
तेरी बिना ये दुनिया, लगती बेवजह सी बात।
पर हर रात और हर सवेरे, तेरी यादों में बिताऊं।
तेरे बिना ये दिल नहीं, बस तेरी यादों में जियाऊं।