Shikayat

Lyrics: Haarsh Limbachiyaa Music: Ved Sharma बस खुदा से है इतनी शिकायत क्यूँ तू मेरा हुआ ही नहीं? कुछ लम्हों की माँगी थी मोहलत क्यूँ तू मेरा हुआ ही नहीं? हाँ, मैं माँगूँ इजाज़त हाँ, कर के बग़ावत तू मेरा हुआ ही नहीं मैंने माँगी थी तुझसे वो साँसे जिनमें बसती हैं साँसे मेरी बस खुदा से है इतनी शिकायत क्यूँ तू मेरा हुआ ही नहीं?
मुझे 'गर तेरी याद आए कैसे किसे हम बताएँ ना? जी कर भी कैसे जियूँ मैं? हक़ में नहीं ये हवाएँ फ़ासलें फ़ैसलों की वजह थे इश्क़ कामिल हुआ ही नहीं बस खुदा से है इतनी शिकायत क्यूँ तू मेरा हुआ ही नहीं?
मेरा मर्ज़ तू है, दवा भी मैं हूँ, ये रातें गवाह भी ना जिन रास्तों पे ख़ुदा ना मुझको मिला तू वहाँ भी नाम तेरे सफ़र ये किया, पर हमसफ़र तू हुआ ही नहीं बस खुदा से है इतनी शिकायत क्यूँ तू मेरा हुआ ही नहीं?