Lyricist : समीर Composer : संजीव-दर्शन
चाहा है तुझको चाहूँगा हरदम मरके भी दिल से ये प्यार ना होगा कम
तेरी याद जो आती है मेरे आँसू बेहेते हैं अपना तो मिलान होगा पल पल ये केहेते हैं
क्या यह ज़िंदगानी है बस तेरी कहानी है बस तेरी कहानी है ये जो ज़िंदगानी है
चाहा है तुझको चाहूँगा हरदम मर के भी दिल से ये प्यार ना होगा कम
~ संगीत ~
तेरी वो बातें वो चाहत की रस्में झूठे थे वादे क्या झूठी थी कसमें
जान-ए-तमन्ना क्या ये सच है बस इतना केह दे
टूट जाये ना लम्हा ऐतबार का दे कोई सिला मेरे इंतज़ार का
चाहा है तुझको चाहूँगी हरदम मर के भी दिल से ये प्यार ना होगा कम
~ संगीत ~
तेरी हूँ तेरी जो चाहे कसम ले ले मुझको हमराही तू अपने ग़म दे दे
सारी उमर है मुझको दर्द जुदाई का सेहना
रास्ते में खोयी है मंज़िलें मेरी मेरे साथ जाएँगी मुश्किलें मेरी
चाहा है तुझको चाहूँगा हरदम मर के भी दिल से ये प्यार ना होगा कम
तू सामने है मेरे फिर क्यूं ये दूरी है तुझे कैसे बताऊँ मैं हाय क्या मजबूरी है
ये भी कोई जीना है सिर्फ आंसू पीना है सिर्फ आंसू पीना है, ये भी कोई जीना है