Lyrics: Anamish
रास रची है आज उदासीत फिर भी मन क्यूँ लागे
कान्हा के बिन कैसे नाचू मन ये सह ना पाये
क्यूँ खोया है आसमा सारा व्याकुल जमुना लागे
कान्हा रे कान्हा रे तोरे बिन घन भागे ...
आज चढा है सावन पुरा मेघो की शाखाए
सारे है पर क्यूँ रूठी हुं कान्हा याद ही आये
जमूना तट पर बन्सी बिराजे गोकुल मोहक लागे
आया आया कृष्ण कन्हैया जैसे मुरली बाजी
म्हारे मनमा सुख बरसाये लाज है आज सजी
ना मैं राधा ना मैं मीरा गोपी सिधी साधी