Lai Lai

Lyrics: Ganesh Shahi Music: Subash Bhusal [Verse 1] लै लै लै लै, कठै बरिलै। भन्ने को नै छ र, तिमी र मलाई। लै, नि लै लै। जाऊ डाँडै काटी, नौ डाँडै पारी। तिमीलाई म छु, म तिम्रो साथी। लै, नि लै लै।
[Hook] सारंगी रोयो, कहाँ रोयो। जहाँ रोयो मेरैं, मन छोयो।
[Chorus] [जाउँ माया सरर, पिर मान्ने को छ र। माया भन्दा ठूलो नै, केछ र,नि लै लै।]…२
[Verse 2] किन हुन्छ यो भेद र भाव। एउटै होइन र, मानिस सब। मदनलाई सोध, माया के हो। मुनालाई सोध, त्याग के हो। मानिस ठूलो, दिलले हुन्छ। पीडामा मन, सबैको रुन्छ। फेरी किन यो दोष, नि लै लै।
[Chorus] [जाउँ माया सरर, पिर मान्ने को छ र। माया भन्दा ठूलो नै केछ र, नि लै लै।]…२
[Verse 3] जति नै आउला, आँधी र बेहरी। छेकौला सबै, हामी दुई मिली। मनमा छ माया, पिरको छ भारी। दुःख बिसाउने, तिमी छौ टारी। आकाश मुनि, ओत लागौंला। एकै गाँसले, भोक टारौंला। आफ्नै सँसार बेस, नि लै लै।
[Chorus] [जाउँ माया सरर, पिर मान्ने को छ र। माया भन्दा ठूलो नै, केछ र,नि लै लै।]…२