Lyrics: Javed Akhtar Music: Ram Sampath अंदाज़ तेरे बांके ना जानू है कहाँ के
अंदाज़ तेरे बांके ना जानू है कहाँ के आज भी नयी लगे तेरी हर अदा छलका छलका जो हुस्न तेरा हल्का हल्का है मुझे तेरा नशा हल्का हल्का है मुझे तेरा नशा
तू क्या हैं आके देखे कोई तुझसे ही सीखे दिल में क्या हैं तेरे मुझे हैं पता ढलका ढलका जो आँचल मेरा
हल्का हल्का है मुझे तेरा नशा हल्का हल्का है मुझे तेरा नशा हल्का हल्का है मुझे तेरा नशा हल्का हल्का है मुझे तेरा नशा
हो हो तुम जो कहती हो हो मेरी तुम, सिर्फ़ मेरी हो तो मेरा मंन, झूम जाता है मेरा मंन झूम झूम झूम जाता है
हो तुम जो कहते हो हा मेरे ही तुम बनके रहते हो तो मेरा मंन गीत गाता है मेरा मंन गीत कोई गीत गाता है
अंदाज़ तेरे बांके ना जानू है कहाँ के आज भी नयी लगे तेरी हर अदा छलका छलका जो हुस्न तेरा
हल्का हल्का है मुझे तेरा नशा हल्का हल्का है मुझे तेरा नशा हल्का हल्का है मुझे तेरा नशा हल्का हल्का है मुझे तेरा नशा
बातें अधूरी होंगी पूरी अब ना रहेगी कोई दूरी बात मान ले मैं मुलाज़िम हूँ तेरा इतना जान ले
हो जाने ना दूँगी और तुम्हे तड़पाने ना दूँगी जानके अंजान क्यूँ बने साहेबा प्यार से ही बात ये बने मेरे दिल में तू ही तू है ऐसा तेरा जादू है मेरी साँसों में घुला नाम है तेरा ढालका ढालका जो आँचल मेरा
हल्का हल्का है मुझे तेरा नशा हल्का हल्का है मुझे तेरा नशा हल्का हल्का है मुझे तेरा नशा हल्का हल्का है मुझे तेरा नशा