Hai Hak Hamara Aarakshan

Lyrics: Deepak Kumar Music: Deepak Kumar हम अम्बेडकर वादी है संघर्षों के आदी है भारत देश हमारा है हम बहुजन मूलनिवासी है फूट डाल कर राज है करना मनुवाद का ये लक्षण खैरात नहीं है सुन लो रे है हक हमारा आरक्षण
(जुल्मी जब जब जुल्म करेगा सत्ता के गलियारों से चप्पा चप्पा गूंज उठेगा जय भीम के नारों से )
आरक्षण को छेड़ोगे तो तुमको न हम छोड़ेंगे जो नशा चढ़ा है सत्ता का उसका गुरुर भी तोड़ेंगे रोक न पाओगे हमको है संविधान का संरक्षण खैरात नहीं है सुन लो रे है हक हमारा आरक्षण
( 100 में 90 शोषित हैं शोषितों ने ललकारा है धन धरती और राज पाठ में 90 भाग हमारा है )
जाति में हमको बांटा तुमने फिर से न अब घात करो कुछ करने से पहले जाती जनगणना की बात करो पता चलेगा किसने किसका खाया है ये आरक्षण खैरात नहीं है सुन लो रे है हक हमारा आरक्षण
(जोर जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है नहीं सहेंगे शोषण को जन जन ने यही पुकारा है )
कभी न पूरा होने वाला तू देख रहा जो सपना है बंटवारे की बात न कर वो भाई मेरा अपना है उठो बहुजनों जागो अब तो जगा रहे दीपक चंदन खैरात नहीं है सुन लो रे है हक हमारा आरक्षण