Lyrics: Shantanu Sudame/Anant Music: Shantanu Sudame बर्फ़ीली सर्दी में, धूप की छतरी से.. पहली तारीख़ वाली, जेब की खर्ची से.. बर्फ़ीली सर्दी में, धूप की छतरी से.. पहली तारीख़ वाली, जेब की खर्ची से.. 'सायकल' का 'कै ररयर' पकड़नेवालेहाथ से.. 'स्कूटर' का र्चक्कर दर्दलातेहुए साथ से.. इस घर की गुल्लक हो.. हम सबका 'गुड लक' हो.. हम टुकड़ेलोहेके.. हमारी र्चुुंबक हो.. पापा.. ओ मेरे, पापा.. पापा.. ओ मेरे, पापा.. जानेककतनी रातों की नीुंर्दों को चर्चुंता मेंडाला है... जानेककतनेदर्दन जलायेहैं, हर ख़्वादहश को पाला है... छोटी छोटी ख़ुशशयों को पूरा करनेकी खाततर.. जानेअपनेककतनेही सपनों को, आुंखों मेंही टाला है.. ऐसी बातेंकई हैं.. जो हमनेकही नहीुंहैं.. पर आपकी मोहब्बत, दर्दल मेंरर्ची बसी है.. इस घर की ककस्मत हो.. ख़ुशशयों की र्दस्तक हो.. मर्ज़ी सेजीनेका... जो हाशसल, वो हक़ हो.. पापा.. ओ मेरे, पापा.. पापा.. ओ मेरे, पापा.. पापा.. ओ मेरे, पापा