Lyrics: Sayeed Quadri Music: Sayeed Quadri मेहँदी वाले हाथ वो तेरे, पायल वाले पाँव मेहँदी वाले हाथ वो तेरे, पायल वाले पाँव याद बहुत आते हैं मुझ को तू और अपना गाँव कच्ची पगडंडी के रस्ते और नीम की छाँव कच्ची पगडंडी के रस्ते और नीम की छाँव याद बहुत आते हैं मुझ को तू और अपना गाँव मेहँदी वाले हाथ...
गाँव का वो तालाब, जहाँ हर रोज़ मिला करता था बातें करते-करते तेरी चूड़ी भी गिनता था तेरी भोली बातें सुनकर अक्सर मैं हँसता था याद उन्हें अब भी करता हूँ शहर में सुबह-शाम याद उन्हें अब भी करता हूँ शहर में सुबह-शाम याद बहुत आते हैं मुझ को तू और अपना गाँव मेहँदी वाले हाथ, ओ, मेहँदी वाले हाथ...
क्या तूने अब भी रखे हैं प्रेम के वो संदेस? पत्थर बाँध के छत पर तेरी देता था जो फ़ेंक याद मुझे करता है क्या तू अब भी उनको देख? क्या तेरे होंठों को पता है अब भी मेरा नाम? क्या तेरे होंठों को पता है अब भी मेरा नाम? याद बहुत आते हैं मुझ को तू और अपना गाँव मेहँदी वाले हाथ वो तेरे, पायल वाले पाँव मेहँदी वाले हाथ वो तेरे, पायल वाले पाँव याद बहुत आते हैं मुझ को तू और अपना गाँव