Saibo (From "Shor in the City")

Lyrics: Sameer Anjaan/Priya Panchal Music: Sachin Sanghvi/Jigar Saraiya
मन ये साहेब जी, जाणे हैं सब जी फिर भी बनाए... बहाने
नैना नवाब जी, देखें हैं सब जी फिर भी न समझे... इशारे
मन ये साहेब जी, हाँ करता बहाने नैना नवाब जी, न समझे (समझे) इशारे
धीरे-धीरे नैनों को धीरे-धीरे जीया को धीरे-धीरे भायो रे साएबों
धीरे-धीरे बेगाना धीरे-धीरे अपना सा धीरे-धीरे लागे रे साएबों
~ संगीत ~
सुर्खियां हैं हवाओं में... दो दिलों के मिलने की... हाँ अर्जियां हैं नज़ारों में... लम्हा ये थम जाने की...
ओ...कैसी हुजूर जी ये लब दिखलाए चुप्पी लगा के भी गज़ब है ढ़ाए
धीरे-धीरे नैनों को धीरे-धीरे जीया को धीरे-धीरे भायो रे साएबों
धीरे-धीरे बेगाना धीरे-धीरे अपना सा धीरे-धीरे लागे रे साएबों
साएबों... साएबों... धीरे-धीरे...
साएबों... साएबों... धीरे-धीरे...