Lyrics: Amitabh Bhattacharya
Music: Pritam
(ਸਲਮਾਂ-ਸਿਤਾਰਾਂ ਵਾਲੀ ਸ਼ਗਨਾਂ ਦੀ ਸ਼ਬ ਆਈ ਰੇ)
(ਬੰਨੋ ਸੇ ਬੰਨੇ ਕੀ ਮਿਲਨੇ ਦੀ ਜੋ ਰੁਤ ਲਾਈ ਰੇ)
(शहनाई यूँ गूँजी, सबकी आँखें भर आई रे)
(शहनाई यूँ गूँजी, सबकी आँखें भर आई रे)
हो, १६ बरस के दो क़दम चौखट के बाहर क्या गए
तेरी कुड़माई के दिन आ गए
हाय, बन्नो, परदेसिया के देश के चौबारे तुझको भा गए
तेरी कुड़माई के दिन आ गए
ले रहा सौ बलाएँ तेरी
माई-बाबुल का घर-बार है
हो, गेंदा, गुलाबों से सजी
डोली तेरी तैयार है
झूलों के मौसम वो तेरे
हमसे रोके भी रोके ना गए
तेरी कुड़माई के दिन आ गए
ਨੀ तेरी कुड़माई के दिन आ गए
"अलविदा" मुंडेरों को जब तू कह के जाएगी
रौनक हवेली की संग लेके जाएगी
कोयलें सुबह किसको नींद से जाएँगी?
धूप आँगने में अब से किससे मिलने आएँगी?
खुल के कभी जो ना कहा
करते हम आज स्वीकार हैं
अपने भैया से कहना ना कभी
हमको तुझसे ज़्यादा प्यार है
हाथों में चूड़े सज गए, तेरे गुड़िया, खिलौने कहाँ गए?
तेरी कुड़माई के दिन आ गए
हो, १६ बरस के दो क़दम चौखट के बाहर क्या गए
तेरी कुड़माई के दिन आ गए
ओ, तेरी कुड़माई के दिन आ गए
(ਸਲਮਾਂ-ਸਿਤਾਰਾਂ ਵਾਲੀ ਸ਼ਗਨਾਂ ਦੀ ਸ਼ਬ ਆਈ ਰੇ)
(ਬੰਨੋ ਸੇ ਬੰਨੇ ਕੀ ਮਿਲਨੇ ਦੀ ਜੋ ਰੁਤ ਲਾਈ ਰੇ)
(शहनाई यूँ गूँजी, सबकी आँखें भर आई रे)
(शहनाई यूँ गूँजी, सबकी आँखें भर आई रे)