Guru Se Milna Hai

Lyrics: Sant Kabir Music: Nihar Shembekar/Vishal Khatri घट बड़ कबहुँ न देखिए और प्रेम सकल भरपूर जाने ही ते निकट है और अनजाने ते दूर तिल के ओट राम है, ने परबत मेरे भाई सदगुर मिल परिचय भय, ना तभ पाया घट माहि
हमे साहिब से मिलना है, हमे सतगुरु से मिलना है अरे मैं तो नशे में खूब यार, मेरे गुरु से मिलना है
इस लोभ लालच को छोड़ हमे फकीरी लेना है, आईजी यार फकीरी लेना है । इस पाप कपट को छोड़ हमे फकीरी लेना है, आईजी यार फकीरी लेना है । इस भवसागर को जीत हमें मैं जग में जाना है ॥
हमे साहिब से मिलना है, हमे सतगुरु से मिलना है अरे मैं तो नशे में खूब यार, मेरे गुरु से मिलना है
साहिब ने भांग पिलाई अखियों में लालण छाई हो
पी कर प्याला हुआ दीवाना झूम रहा जैसे मतवाला जनम जनम का ताला खुल गया मेरे ज्योत लगी घट माही
झाड़ बिंद और जीव चराचर फूल रहा मेरा साईं जहां देखूं वो रीता नहीं सब घट है वो समाई
लाली मेरे लाल की लाली जीत देखूं तित लाल लाली देखन मैं गई मैं भी हो गई लाल
हमे साहिब से मिलना है, हमे सतगुरु से मिलना है