Lyrics: Ankan Mondal/Nitish Dogra Music: Ankan Mondal/Shashank Alamuru/Nitish Dogra/Archit Tak जो खुद में ना मिला वो किसी और में मैं ढूंढता फिरा मिला घाव, मिला दर्द, मेरा दिल, क्या क्या सेहता? कभी पत्थर दिल कभी दिल पर पत्थर देखा खुशी होती क्या? मैं अंजान हूं तड़पते मन को मारू रूह को आराम दू दौड़ती सोच को कैसे मैं लगाम दूं? उनकी गलतियों का भर रहा मैं लगान क्यों? ले गए हिस्से मेरे सारे ये छीन के करुँ मुक्त खुदको दर्द के जंजीर से करुँ खतम, इन नस-ओ को खोल-के, चीर-के जिंदगी निकले हाथों से धीरे-धीरे उठा मैं सुभे ये दर्द ऐसे चुबे अकेला हूं मैं, आंखें तुझे ही ढूंढे आवाज तेरी घुंजे, तू दिखे ना मुझे गया तू कहाँ? बोल मुजे क्या है तुझे याद देखे जो थे ख्वाब आज बने सवाल क्यों? अब अकेले ढूंढू मैं जवाब क्या मेरा इलाज? बैठा है सवाल क्यों? मैं तन्हा हूं तन्हा हूं..तन्हा हूं.. तन्हा हूं अब पड़ा इतना फ़र्क न दिखे कोई फ़र्क क्या है हंसी? क्या है खुशी? क्या है आंसू? क्या है दर्द? जैसे मुर्दा कोई घूमे लेके दिल में अपने बर्फ आसमान में है जन्नत तो क्या धरती हुई नरक? दूर हुए जो कल थे मेरे करीब मैं भरुँ कोरा कागज़ जैसे मैं कबीर कलम बहे लहू जब मैं खीचू लकीर लिख रहा गाने या खींच रहा तस्वीर होश ना ठिकाने में, तुम तो संभाल लेते तेरे दीवाने थे, तुम तो हो जानते हम तेरी जान थे अब हम बेगाने से गया तू कहाँ? बोल मुजे क्या है तुझे याद देखे जो थे ख्वाब आज बने सवाल क्यों? अब अकेले ढूंढू मैं जवाब क्या मेरा इलाज? बैठा है सवाल क्यों? मैं तन्हा हूं तन्हा हूं..तन्हा हूं.. तन्हा हूं मैं तन्हा हूं तन्हा हूं