Lyrics: Sundeep Gosswami/Naveen Tyagi
Music: Sundeep Gosswami
चल कोई गल नहीं ... चल कोई गल नहीं ...
चल कोई गल नहीं ... चल कोई गल नहीं ...
मैं तैनू आशिक़ बन के, चौंदा रहा
मैनु तू शैदाई समया, चल कोई नहीं
रह रह के रावां तकदा, रौंदा रहा
तेरे लई अज्ज वी थम्या, चल कोई नहीं !
चल कोई गल नहीं ... चल कोई गल नहीं ...
चल कोई गल नहीं ... चल कोई गल नहीं ...
फीमेल पार्ट -
माहिया वे तेरे बिन ,मेरा वी है सूना दिन
मरदी रही ... मैं वी मरदी रही - (२)
(घुटदी या जलदी रही )
अन्तरा -1
जाण जाण कहंदे सी जो , जाण ओ ही ले गए
कददौ साडा दिल टूटा , ते अनजान रेह गए
मैं खुली अक्खां नाल सोंदा रहा,
तूने जी भर के ठग्या, चल कोई नहीं !
चल कोई गल नहीं ... चल कोई गल नहीं ...
अपने उसूल पड़े, साणु ऐंज तोड़ने
ओड्डी खता सी पड़े, हाथ मैनु जोड़ने
तेरी तारीफ़ा दी की गिनती करां
तूने गिनाई कमियां, चल कोई नहीं !
चल कोई गल नहीं ... चल कोई गल नहीं.