Lyrics: Bharat bhushan bhatt
Music: Bharat bhushan bhatt
तेरे ये जाने की , ज़िद ना आने की
कोई वजह है क्या ?
मेरी खता है क्या ?
कहां नहीं है तू
कहां मैं दफना दूं
कोई जगह है क्या ? कोई जगह है क्या ?
कौन सी वो, दुनिया जो
जिसमें तुम नहीं ।
कौन सी है कहानी,
कौन सी वो ग़ज़ल है
जिसमें लिखा तेरा ग़म नहीं ।।
कौन सा है ,वो शहर जो
मैंने तुझको तलाशा नहीं
कौन सा है दरिया वो ;
तेरी खातिर लांघा नहीं।।
दिल पर- रखकर- पत्थर - हंसकर
निकला तेरे शहर से वहां ।
बंजर- खंडहर - आकर- जलाकर
ही रख दिया सारा घर ये यहां ।
यादें तेरी , बातें तेरी
अब भी कहीं बची है यहां ।
जला तो दिए थे खत मगर
राख उनकी दबी है यहां ।।
कौन सी वो दुनिया जो
जिसमें तुम नहीं ।।
कौन सी वो कहानी
कौन सी वो ग़ज़ल है..
जिसमें लिखा तेरा ग़म नहीं??
तेरे ये जाने की
ज़िद ना आने की
कोई वजह है क्या ?
मेरी खता है क्या ?
कहां नहीं है तू ?
कहां मैं दफ़ना दूं
कोई जगह है क्या ?
कोई जगह है क्या ?