Music: Sachin Negi Hook / दिल नी लाना हाय ओ ज़ुरिए, रोग इश्क़ रा भुरा हो कसमें खाई ना कर वायदे,रोग इश्क़ रा भुरा हो, दिल नी लाना हाय ओ ज़ुरिए, रोग इश्क़ रा भुरा हो.....
verse/ दिल न लगाना सुनो राही राहों में मिले कोई दिल ना लगाना, वादे होते हैं इनके जूठे आखिर में दिल ये टूटे दिल ना लगाना, इश्के धा रोग बुरा , रोग लग जाए जो, दो दिल मिलने को तरसे, नैना लड़ जाए जो ,
किस्से सुने हैं हमने कई स्यनो से , कहते वो हम भी कबी किसी के दीवाने थे रूबरू होते आज भी भीड़ में, बस दिल का ये रोग छुपा बैठे ज़माने से
जाम आंखो से पीला बैठे जो ज़माने में डूंड ना सके वो जाम किसी मेखाने में सच्चा प्रेम कहां  नसीब  किसीको हमसे बी पहले तड़पे कई दीवाने  थे जैसे राधा मुरली की धुन को  सुने दूर से , खो बैठी सुध बुध दौड़ी  खींची चली आए, दबे पांव छुप के देखे  मुरारी को, कहती सखी से जिस दिन ना देखूं रहा ना जाए
सही ना जाए तन्हाई केसा ये रोग हाए!! निहारे रोज़ राहों को ,  दुंधली नजर आए , यादों में मगन भूले से भुला ना पाए, अफसोस दिल का ये रोग लगा बैठे काहे!!
रोए तेरी यादों में, आंसू छलकते रहे, कान्हा तेरी आस में ,राहों को तकते रहे, साखियां कहते मुझे बुला दो तुम उन्हें, यादों के वो सिलसिले भूले से भूला ना सके, रोए तेरी यादों में आंसू छलकते रहे .......!!
Hook/ दिल नी लाना हाय ओ ज़ुरिए, रोग इश्क़ रा भुरा हो कसमें खाई ना कर वायदे,रोग इश्क़ रा भुरा हो, दिल नी लाना हाय ओ ज़ुरिए, रोग इश्क़ रा भुरा हो.....