Lyrics: Pankaj Jain
Music: Pankaj Jain
हमसफर ए हमसफर
ठोकर मिली जो दरबदर
साथ दोगे तुम मेरा
या फेर लोगे
तुम नजर।
वक्त बाकी है अभी
सोच लो शुरूआत में
राह में काँटे कई है
ना बहो जज्बात में। ।
हो अगर न हौंसला
तुम सुना दो फैसला
दीजिए खालिस दुआएँ
लो अकेला मैं चला।
साथ मेरे आओ तो
ना छोड़ना मझधार में
जश्ने जीत मनाना पर
देना दिलासा हार में।
जो थक जाऊँ बीच सफर में
डगमगाए ये कदम
मुझको तुम गिरने न देना
थाम ही लेना सनम।
साथ तुम्हारा मिल जाने पर
जल्द मिलेगी फिर मंजिल
लाखों तुफां आने पर भी
ढूँढ ही लेंगें साहिल ।
हमसफर ए हमसफर
ठोकर मिली जो दरबदर
साथ दोगे तुम मेरा
या फेर लोगे
तुम नजर।