Bina Tumhare

Lyrics: Deepak Kandarp Music: Mayur Kandarp बिना तुम्हारे फागुन- आगुन अच्छा नहीं लगे, तुम बिन गजरा,बिंदिया, काजल अच्छा नहीं लगे। त्योहारों की शोभा तुमसे तुम बिन जग सूना, बिना तुम्हारे साजन फागुन अच्छा नहीं लगे।।
रंग दो अंगिया चुनरी मन वृंदावन हो जाए, तुम आकर जब गले लगा लो फागुन हो जाए। यूं तो सारी दुनिया है, दुनिया से क्या लेना? तुम आओ तो मन का आंगन मधुबन हो जाए।।
सिवा तुम्हारे मुझको कोई अच्छा नहीं लगे। बिना तुम्हारे साजन फागुन अच्छा नहीं लगे।।
रंग, गुलाल, अबीर तेरे बिन फीके हैं सारे, आग लगे ऐसी होली में आंसू हैं खारे। सब हैं लेकिन एक नहीं तुम मन कैसे माने? धधक रही है मन में ज्वाला बिरहा के मारे।।
तुम बिन गुझिया सूनी, पापड़ अच्छा नहीं लगे। बिना तुम्हारे साजन फागुन अच्छा नहीं लगे।।
सूनी सेज पिया बिन तरसे नयना रतनारे, प्रीतम मेरी अंगड़ाई रह- रह तुम्हें पुकारे।
दूर-दूर से ये अपनापन अच्छा नहीं लगे। बिना तुम्हारे साजन फागुन अच्छा नहीं लगे।।