Lyrics: Iqbal Qureshi/1080g Music: Siddharth Kasyap छुओ ना (इक्बाल कुरेशी)
तुने जो मुझे छुआ, हलचल सी हो रही है खोने लगी हूँ मैं, तेरे प्यार में छुओ ना - 12 छूभी लो ना ॥
मैंने जो तुझे छुआ न जाने अनजाने में जाने ऐसा वैसा क्या हुवा राख हुवा में गिरा इस खाई में जिसकी गहराई की दुहराही नहीं है ये है मायाजाल मेरा बुराहाल अब इसमें से कैसे बचू ये सपा ये बवाल तेरी चाल बेमिसाल तेरा प्यार बडा वार देखा नहीं पहले कभी तुझसे बडा कलाकार
सांसे संभलती नहीं है, मचलती ही ऐसे मैं जाने क्यों पागलसी होने लगी सबकुछ नया लगता है हँसी लगता है मैं जाने क्यों ख़ाबों में खोने लगी ॥1॥