Mausam-e-Ishq (feat. Riddhima Singh)

Lyrics: Sudhanshu Joshi Music: Sudhanshu Joshi फिज़ाओं में है एक नशा सा घुला, तुम्हारी बातें, ख़यालों में सदा। दिल के शहर में, एक मेहमान तुम, हर धड़कन में है तेरा नाम तुम।
मौसम-ए-इश्क़ है, दिल बेक़रार है, चाँद भी शर्मिंदा, तू इतना ख़ूबसूरत है। हर निगाह में तेरा नूर बस गया, तन्हाइयों में भी तू साथ चल दिया।
दिल-ए-नादान को क्या समझाएं हम, हर राग, हर गीत में हो तुम सनम। लबों पर है एक दुआ सी रुकी, तेरी मोहब्बत है, बस ये ज़िंदगी।
मौसम-ए-इश्क़ है, दिल बेक़रार है, चाँद भी शर्मिंदा, तू इतना ख़ूबसूरत है। हर निगाह में तेरा नूर बस गया, तन्हाइयों में भी तू साथ चल दिया।
गुज़र रहा है वक़्त, पर ये लम्हा थामें, इश्क़ की बारिश में, हम खुद को बहा लें। तेरे साथ दुनिया एक ग़ज़ल बन गई, मिट्टी के हर ज़र्रे में तेरी ख़ुशबू छाई।
मौसम-ए-इश्क़ है, सदाएं सुन लो, तेरे बिना ये ज़िंदगी है अधूरी कहानी। अगर नसीब हो, तो रूह फिर मिलें, चाँद के पार, जहाँ ख़त्म न हो फ़साने।