Music: Khan/Noor
Lyrics: Khan/Noor
तेरा शरमाना, मेरी जानाँ, कभी
रख लूँ छुपा के तेरी यादें सभी
ख़्वाबों में मेरे है तू ही बसी
तू ही बसी, तू ही ब-
तेरा शरमाना, मेरी जानाँ, कभी
रख लूँ छुपा के तेरी यादें सभी
ख़्वाबों में मेरे है तू ही बसी
तू ही बसी, तू ही ब-
पीछे देखूँ राहें तेरी, यादें जो रही ना मेरी
ख़्वाबों में बसा है तू-ही-तू
सवालों में मैं रख लूँ छुपा के, मुझे तू ही तो बिगाड़े
मेरी आँखों में सजा है तू-ही-तू
पीछे देखूँ राहें तेरी, यादें जो रही ना मेरी
ख़्वाबों में बसा है तू-ही-तू
सवालों में मैं रख लूँ छुपा के, मुझे तू ही तो बिगाड़े
मेरी आँखों में सजा है तू-ही-तू
ख़्वाबों में है तू-ही-तू
मैं तेरे बिन अधूरा हूँ
सँवारे तू, बिगाड़े तू
ऐ हमसफ़र, क्या ख़ुदा है तू?
पलकों पे मैं रख दूँ तेरी मेरा ये जहाँ
तारों से सजा दूँ तुझको, सुन ले, हम-नवा
आईना दिखा दूँ तुझको, मेरी तू रज़ा
मेरी तू रज़ा, मेरी तू र-
पीछे देखूँ राहें तेरी, यादें जो रही ना मेरी
ख़्वाबों में बसा है तू-ही-तू
सवालों में मैं रख लूँ छुपा के, मुझे तू ही तो बिगाड़े
मेरी आँखों में सजा है तू-ही-तू
पीछे देखूँ राहें तेरी, यादें जो रही ना मेरी
ख़्वाबों में बसा है तू-ही-तू
सवालों में मैं रख लूँ छुपा के, मुझे तू ही तो बिगाड़े
मेरी आँखों में सजा है तू-ही-तू
तेरा शरमाना, मेरी जानाँ, कभी
रख लूँ छुपा के तेरी यादें सभी
ख़्वाबों में मेरे है तू ही बसी
तू ही बसी, तू ही ब-
तेरा शरमाना, मेरी जानाँ, कभी
रख लूँ छुपा के तेरी यादें सभी
ख़्वाबों में मेरे है तू ही बसी
तू ही बसी, तू ही ब-
दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के
वो जा रहा है कोई शब-ए-ग़म गुज़ार के
वीराँ है मय-कदा, ख़ुम-ओ-साग़र उदास है
तुम क्या गए के रूठ गए दिन बहार के