Haseen Itne Bhi Tum

Lyrics: Aditya Rakesh Music: Aditya Rakesh हसीं इतने नहीं भी तुम कि तेरे पीछे आऊं मैं ये दिल इतना नहीं सस्ता कि तुझसे दिल लगाऊं मैं उसूलों के हिफाज़त में गुलाब को भी नही बख्शा तो एक गेंदे के सजदे में क्यूं अपना सर झुकाऊं मैं
जो अपने दिल की सुनते हैं यहां वो चंद रहते हैं मज़ा जोख़िम का क्या जानें जो घर में बंद रहते हैं अगर मंजिल बड़ी है तो आराम को हारना पड़ता है मिलेगी जीत तड़पकर जो उसे आनंद कहते हैं
ज़रूरत हो नज़ाकत की वहां तुम सख़्त ना होना जहां पल पल की कीमत हो वहां बेवक्त ना होना बुराई है नही कोई किसी का गुणगान करने में मगर आँखें खुली रखना वहां तुम भक्त ना होना
जो साया है तेरा मुझपर तो मुझको फिर क्या ग़म है बनाया तूने है मुझको तेरे होने से ही दम है बना अल्फ़ाज़ वो नहीं जो तुझे कहकर पुकारूं मैं मगर ये जान लेना की तू रब से भी नही कम है
ये अपनों की कहानी भी अजब है मैंने ये पाया कोई पहले से था मेरा किसी को बाद में लाया ग़लतफ़हमी में डूबा था की अपनों से घिरा हूँ मैं वो अच्छे दिन के साथी थे मुसीबत में नज़र आया