Lyrics: Sanu Sharma
Music: Satadal Saha
दिल का दरवाज़ा यूँ ही खुलता नहीं,
पहले करीब आना पड़ता है,
खामोश राहों के मोड़ों से
दिल को छू जाना पड़ता है।
नज़रों की चुप सी भाषा में
कुछ राज़ छुपे होते हैं,
धीरे धीरे इन धड़कनों में
कितने सपने होते हैं।
दिल में घर बनाना आसान नहीं,
थोड़ा सा ठहरना होगा,
मेरी इस तन्हा दुनिया में
तुमको भी उतरना होगा।
दिल में घर बनाना आसान नहीं,
थोड़ा सा प्यार निभाना होगा,
मेरे इन ख़ामोश लम्हों में
तुमको भी मुस्काना होगा।
आँखों की नमी को पढ़ लेना,
चुपके से हाथ थाम लेना,
टूटे हुए इन ख्वाबों को
साथ मिलाकर थाम लेना।
मेरे दिल की गहराई में
एक छोटी सी दुनिया है,
जहाँ तुम्हारे नाम की ही
हर धड़कन में धुनिया है।
जब रातें चाँद को छूती हैं
और यादें गुनगुनाती हैं,
तब एक सच्चे रिश्ते की
रोशनी नज़र आती है।
दिल में घर बनाना आसान नहीं,
थोड़ा सा वक़्त देना होगा,
मेरी इन सूनी राहों में
तुमको भी चलना होगा।
कहो ज़रा मेरे हमसफ़र,
क्या इतना साथ दोगे तुम?
मेरे दिल के इस सफ़र में
हर पल साथ रहोगे तुम।