Lyrics: Mahendra Dhirajlal Kamdar Music: Neil-Niraj आज कल सोतें हैं कम, नींद में जगतें हैं हम, आज कल सोतें हैं कम, नींद में जगतें हैं हम, आते हो जब ख़्वाबों में, ख़्वाबों में, जगतें हैं तेरी क़सम, आज कल, आज कल, खातें हैं तेरी ही क़सम, मिल ने तुझ को लें जनम, क्यूँ ख़ुदा से फ़ासले, बन गए काफ़िर क्यूँ हम, खातें हैं तेरी ही क़सम, मिल ने तुझ को लें जनम, क्यूँ ख़ुदा से फ़ासले, बन गए काफ़िर क्यूँ हम, जिस जगह तेरे क़दम, उस जगह निकले ये दम, निकली दिल से ये दु'आ, हो क़दम ये ख़ुश-क़दम, ख़्वाबों से डरते हैं हम, ख़्वाबों से मिलते हैं ग़म, तुझ को ही माना सनम, दैर तू, तू ही हरम, तेरी क़सम, तेरी क़सम, खातें हैं तेरी ही क़सम, मिल ने तुझ को लें जनम, क्यूँ ख़ुदा से फ़ासले, बन गए काफ़िर क्यूँ हम, खातें हैं तेरी ही क़सम, मिल ने तुझ को लें जनम, क्यूँ ख़ुदा से फ़ासले, बन गए काफ़िर क्यूँ हम, खातें हैं तेरी ही क़सम, मिल ने तुझ को लें जनम, क्यूँ ख़ुदा से फ़ासले, बन गए काफ़िर क्यूँ हम, खातें हैं तेरी ही क़सम, मिल ने तुझ को लें जनम, क्यूँ ख़ुदा से फ़ासले, बन गए काफ़िर क्यूँ हम, तेरी क़सम, तेरी क़सम,