Music: Raghav Jain/Deeptangshu Paul
Lyrics: Deeptangshu Paul
बना था आसरा मेरा
क्यों मुझको करके सरफिरा
जला के चल दिया है दिल
जो तुझको था दिया यारा
लिख रहा, जो बाते तुमसे मैं
कह सका, था ना मै कभी ओ जाना
अश्क बन, बह गई चेहरे की रौनक
जाना था, देते तो सही सा बहाना
बना था आसरा मेरा
क्यों मुझको करके सरफिरा
जला के चल दिया है दिल
जो तुझको था दिया यारा
कहा तुमने थे तुम अलग
माना मेरी थी गलतियां
क्या इतना फिर भी था गलत
कि मुझसे इतनी तल्खियां?
तल्खियां
तल्खियां
तल्खियां
साँसों का ज़रिया तू, तेरी नज़र में हम नहीं
भुलादे तू मुझे फिर भी, तुझे भुला पाए नहीं
तल्खियां
तल्खियां