Lyrics: Raunakk Singh
Music: Raunakk Singh
तेरी यादों की परछाइयाँ,
अब भी दिल को तड़पाती हैं...
टूटे हुए ख्वाबों की तरह,
आँखों में आँसू छोड़ जाती हैं...
बिन तेरे अब जीना नहीं,
साँसें भी जैसे रूठ गईं...
(2)
तेरे बिना ये रातें अधूरी,
चाँद भी अब बुझा-बुझा सा है...
दिल का हर एक टुकड़ा बोल रहा,
क्यों प्यार में ऐसा हुआ सा है...
हर धड़कन अब दर्द बनी,
अब जीने की वजह नहीं...
(3)
वो हँसी तेरी, वो बातें तेरी,
अब खामोशियों में बसती हैं...
जो कसमें खाईं थीं हमने कभी,
अब अधूरी सी लगती हैं...
टूटे हुए ख्वाब समेटूं कैसे,
अब जीने की वजह नहीं...
एक दर्द भरी दास्तान...