Lyrics: Dileep kessani
Music: KULDEEP MATHUR
[Intro – Soft humming + Aalaap in low scale]
[Background: धीमा साज़, वायलिन या पियानो]
हम्म्म्म्म... तू दिल में भी था... ख़्वाबों में भी रहा...
[धीरे fade-in]
तू... दिल... में... भी... था...
ख़्वाबों... में... भी... रहा...
---
[Verse 1 – Emotional tone, soft rhythm]
तू दिल में भी था, ख़्वाबों में भी रहा
क्यों बढ़ता ही रहा, तेरा मेरा फ़ासला
[हल्का vibrato + echo on "फ़ासला"]
कह भी मैं दूँ, तू समझे न ज़रा
क्यों बढ़ता ही रहा, तेरा मेरा फ़ासला
---
[Chorus – Full vocals with stretched words, drums enter softly]
तेरे मेरे दरमियान, थी उल्फ़त इस तरह
हर लम्हा प्यार का, था बारिश से भरा
[Echo on "भरा", short pause]
कहने को कह भी दूँ, पर कह भी न सकूँ
तू समझे न कभी, तू समझे न ज़रा
[Hem + stretch on “ज़रा...”]
क्यों बढ़ता ही रहा, तेरा मेरा फ़ासला
---
[Verse 2 – Add deeper voice layer in background]
वाबस्ता प्यार से, बैठे दिल हार के
वो क़िस्से शबनमी, वो पल इनकार के
किससे मैं करूँ, तेरे जाने की गिले
[Pause – heartbeat effect sound]
लम्हों का ही तो था शायद ये फ़ैसला
क्यों बढ़ता ही रहा, तेरा मेरा फ़ासला
---
[Bridge – Whisper tone + Piano solo – 8 sec]
[धीमे सुरों में]
नींदों का रहनुमा, तेरी यादों का धुआँ
मिलने को मिल गया, मिलके खो गया
[Echo on “खो गया… खो गया…”]
जाने क्या हो गया, जाने क्यों खो गया
एक ही तो था सफ़र, दूर वो हो गया
---
[Final Chorus – High pitch + emotional explosion]
क्यों बढ़ता ही रहा... तेरा मेरा फ़ासला
तेरा... मेरा... फ़ासला...
[Ends with fading humming + soft strings]